सारंगपुर।शहर से गुजरे ओल्ड एबी रोड पर बसों की बेलगाम रफ्तार अब लोगों की सुरक्षा पर भारी पडती नजर आ रही है। हाइवे से तेज गति में दौडती इंदौर, उज्जैन, ब्यावरा, गुना सहित अन्य मार्गों की लंबी दूरी की बसें शहर की सीमा में प्रवेश करने के बाद भी अपनी रफ्तार पर नियंत्रण नहीं कर रही हैं। खासकर सारंगपुर बस स्टैंड से सवारी बिठाने और निर्धारित समय से पहले गंतव्य तक पहुंचने की होड में चालक बसों को तेज गति से दौडाते नजर आते हैं। सडक पर लगातार बढते यातायात और पैदल राहगीरों की मौजूदगी के बीच बसों की यह रफ्तार कभी भी बडे हादसे का कारण बन सकती है। इसके बावजूद बसों की गति पर नियंत्रण के लिए जिम्मेदार परिवहन विभाग और पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। ओल्ड एबी रोड पर अकोदिया नाका, परशुराम चौराहा, पेट्रोल पंप क्षेत्र और पुराने बस स्टैंड जैसे स्थानों पर दिनभर पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की आवाजाही बनी रहती है। इन भीडभाड वाले हिस्सों से गुजरते समय भी कई बसें अपनी गति कम नहीं करतीं। ऐसे में सड;क पार करने वाले लोगों और स्थानीय रहवासियों को हर समय तेज रफ्तार वाहनों से खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि शहर के अंदर प्रवेश करते ही वाहनों की गति नियंत्रित करने के नियम हैं, लेकिन इन नियमों का पालन कराने वाला तंत्र ही कमजोर दिखाई दे रहा है।सवारी बिठाने और जल्दी पहुंचने की होड-स्थानीय लोगों के अनुसार बस स्टैंड से सवारी लेने के बाद चालक जल्द से जल्द आगे निकलने की कोशिश करते हैं। इसी के चलते बसें शहर के अंदर भी तेज गति से दौडती हैं। इंदौर, ब्यावरा और अन्य शहरों से आने-जाने वाली बसें कई बार हाइवे की रफ्तार से ही शहर की सडकों पर दौडती नजर आती हैं। बस स्टॉप और भीडभाड वाले क्षेत्रों के आसपास तेज गति से गुजरती बसों के कारण यात्रियों, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पडता है।
स्पीड पर नहीं सिस्टम का कंट्रोल-शहर के लोगों का आरोप है कि बसों की रफ्तार पर सिस्टम का कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है। शहर में प्रवेश और निकास के प्रमुख स्थानों पर गति नियंत्रण के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बस चालक मनमाने तरीके से वाहन दौडा रहे हैं। अकोदिया नाका से लेकर परशुराम चौराहा, पेट्रोल पंप और पुराने बस स्टैंड तक भीडभाड वाले क्षेत्रों में गति नियंत्रण के लिए स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और गति सीमा संबंधी बोर्ड लगाए जाने की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
तेज रफ्तार से शहर में प्रवेश करती है बसें, हादसों के बाद भी नहीं जागा सिस्टम:लोगों को परेशानी